यूरिक एसिड (गठिया रोग)की राम बाण औषधि
आजकल अधिकतर लोगों के शरीर में यूरिक एसिड के अधिक बढ़ने के कारण गठिया जैसी भंयकर बीमारी बढ़ती जा रही है । शरीर के जोड़ों में भयंकर दर्द और सूजन के कारण यह आम बीमारी बनती जा रही है ।
यूरिक एसिड की राम बाण औषधि
यूरिक एसिड का अचूक इलाज हैं 10 आयुर्वेदिक जड़ी बूटीयाँ , जोड़ों से खुद निकलेंगे कंकड़
शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने से आपको गठिया या किडनी की पथरी की समस्या हो सकती है, मानव शरीर के इस अपशिष्ट पदार्थ को बाहर निकालने और इसके लक्षणों को कम करने के लिए आप कुछ भारतीय के प्राचीन आयुर्वेदिक तरीके आजमा सकते हैं, जो बेहद असरदार हैं।
यूरिक एसिड (Uric Acid) बढ़ना एक आम समस्या बनती जा रही है। शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक होने से हाइपरयुरिसीमिया या गठिया की बीमारी हो सकती है। बढ़ा हुआ यूरिक एसिड शरीर के जोड़ों में गंभीर सूजन और दर्द पैदा कर सकता है। यह किडनी की पथरी का भी कारण बन सकता है।
यूरिक एसिड क्या है?
प्यूरीन के टूटने से बनता है यूरिक एसिड ।
प्यूरीन तथा यूरिक एसिड़ का स्ट्रक्चरल एवं कैमीकल फार्मूला
प्यूरीन नामक रसायन के टूटने से यूरिक एसिड निकलता है। प्यूरीन मानव शरीर में पहले से मौजूद होता है। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों में भी यह रसायन होता है। वैसे तो यूरिक एसिड किडनी द्वारा फिल्टर होकर पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है लेकिन जब इसका लेवल ज्यादा हो जाता है, तो यह जोड़ों में इकठ्ठा हो जाता है और भयंकर परेशानी पैदा करता है।
यूरिक एसिड कैसे कम करें?
यूरिक एसिड कम करने के लिए कई दवाएं और मेडिकल ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं लेकिन आप कुछ गाउट या यूरिक एसिड के लिए आयुर्वेदिक उपचार भी आजमा सकते हैं। जो इन दवाओं से ज्यादा और बेहद असरकारी हैं।
आश्वगंधा एक शक्तिशाली जड़ी-बूटी है जो शरीर में सूजन और दर्द को कम करने में मदद करती है। यह यूरिक एसिड को नियंत्रित करने और जोड़ों के दर्द को कम करने में भी सहायक होती है । 1 चम्मच अश्वगंधा पाउडर लें। इसे एक गिलास गर्म पानी या दूध में अच्छी तरह मिलाएं। इस मिश्रण को दिन में एक बार पिएं, हो सके तो सोने से पहले।
गोखरू यूरिक एसिड के स्तर को संतुलित करने में सहायक है। यह मूत्रवर्धक गुणों के कारण शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करता है। 1 चम्मच गोखरू पाउडर लें। इसे एक गिलास गुनगुने पानी में अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण को दिन में एक या दो बार पिएँ, हो सके तो भोजन करने के एक घंटा बाद लें।
हारसिंगार के पत्तों का उपयोग यूरिक एसिड के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में किया जाता है। हरसिंगार के पत्तों को अच्छी तरह धो लें। एक पैन में 2 कप पानी उबालें। धुले हुए पत्तों को उबलते पानी में डालें और लगभग 5-10 मिनट तक उबलने दें। काढ़े को छान लें और ठंडा होने दें। इस काढ़े को दिन में एक या दो बार पिएँ, हो सके तो खाली पेट पीयें ।
यूरिक एसिड का आयुर्वेदिक उपचार त्रिफला
आयुर्वेद की तीन शक्तिशाली जड़ी बूटियों भीभीतकी, हरीतकी और आंवला से मिलकर बना त्रिफला यूरिक एसिड का बढ़िया उपचार है। इसके एंटीऑक्सिडेंट, एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण इसे मजबूत औषधि बनाते हैं। इसके लिए आप सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी के साथ एक चम्मच त्रिफला पाउडर ले सकते हैं।
यूरिक एसिड की आयुर्वेदिक दवा है नीम
भारत में नीम को सदियों से औषधीय पौधा माना जाता रहा है। नीम में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो इसे गठिया के उपचार के लिए एक बढ़िया जड़ी बूटी बनाते हैं। अगर आप यूरिक एसिड के मरीज हैं, तो दर्द और सूजन कम करने के लिए प्रभावित हिस्से पर नीम का पेस्ट लगाएं।
गठिया का आयुर्वेदिक उपचार- हल्दी
लगभग सभी भारतीय आयुर्वेद दवाओं में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें करक्यूमिन होता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। हल्दी गठिया का असरदार इलाज है। सूजन और दर्द को कम करने के लिए प्रभावित हिस्से में हल्दी का पेस्ट लगाया जा सकता है, फायदा मिलेगा।
यूरिक एसिड की रामबाण दवा है अदरक
गठिया के रोगियों के लिए निर्धारित हर्बल दवाओं में अदरक मिलाया जाता है। इसमें हाई यूरिक एसिड को कम करने के ताकत होती है। यूरिक एसिड कम करने और इसके लक्षणों को कम करने के लिए आपको अपने खाने और चाय में अदरक का भरपूर इस्तेमाल करना चाहिए।
यूरिक एसिड का घरेलू इलाज है गिलोय जड़ी बूटी
गिलोय को मूल रूप से एक ज्वरनाशक जड़ी बूटी कहा जाता है। इसे शरीर में एक्स्ट्रा यूरिक एसिड को बेअसर करने के लिए जाना जाता है। यूरिक एसिड लेवल कम करने के लिए आप एक्सपर्ट की सलाह पर गिलोय जूस ले सकते हैं या इसका पाउडर इस्तेमाल कर सकते हैं।
हाई यूरिक एसिड में कैसे खाएं कच्चा पपीता
यूरिक एसिड को कम करने के लिए रोजाना सुबह के समय कच्चे पपीते का जूस पीना फायदेमंद होता है। सुबह के समय एक गिलास कच्चे पपीते का जूस लें और इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर नियमित रूप से इसका सेवन करें।
यूरिक एसिड कंट्रोल करने में कैसे फायदेमंद है कच्चा पपीता?
यूरिक एसिड (गठिया रोग ) के मरीजों के लिए कच्चा पपीता किसी रामबाण औषधि से कम नहीं है। इसमें विटामिन-सी, फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो यूरिक एसिड की परेशानी को कम कर सकते हैं। कच्चे पपीते में पपाइन नामक तत्व मौजूद होता है, जो खून में यूरिक एसिड को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत दिला सकते हैं। नियमित रूप से कच्चे पपीते का सेवन करने से हाई यूरिक एसिड की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। इतना ही नहीं, यह पाचन को मजबूत बनाने से लेकर वजन कम करने में भी मददगार साबित हो सकता है।
यूरिक एसिड में कौन सी सब्जी खा सकते हैं?
कद्दू एक ऐसी सब्जी है जो यूरिक एसिड का सफाया कर सकती है । इसमें विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन और ल्यूटिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को घटाने का काम करते हैं । जिससे यूरिक एसिड कम हो जाता है। कद्दू में मौजूद फाइबर मेटाबॉलिज्म रेट को बढ़ाकर प्यूरीन को पचाने में मदद करता है।
खून में मौजूद यूरिक एसिड का ज्यादातर हिस्सा किडनी से फिल्टर होकर यूरिन के जरिए बाहर आ जाता है। शरीर में यूरिक एसिड की सामान्य मात्रा 3.5 से 7.2 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर तक हो सकती है।
यूरिक एसिड खून में पाया जाने वाला एक केमिकल है, जो शरीर की कोशिकाओं और प्यूरीनयुक्त फूड्स से बनता है। जब शरीर में प्यूरीन एक तय मात्रा से ज्यादा बढ़ जाता है तो किडनी उसे ठीक तरह से फिल्टर नहीं कर पाती है। इससे शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है, जो कई तरह की परेशानियों को बढ़ा देती है । यूरिक एसिड की बढ़ी समस्या को हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है।
बढ़ा हुआ यूरिक एसिड हड्डियों के बीच में जमा हो जाता है और गठिया की समस्या को पैदा कर देता है । यूरिक एसिड के बढ़ने से शरीर में खतरनाक बीमारियां भी जन्म ले सकती हैं । इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स लाइफस्टाइल और खानपान को बेहतर रखने की सलाह देते हैं । अगर आप भी यूरिक एसिड (Uric Acid) की समस्या से परेशान हैं तो जब भी मंडी जाएं, कुछ सब्जियां जरूर लेकर आएं, जो यूरिक एसिड का सफाया कर सकती हैं.
यूरिक एसिड का सफाया कर देंगी ये सब्जियां
1. कद्दू
कद्दू एक ऐसी सब्जी है जो यूरिक एसिड का सफाया कर सकती है. इसमें विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन और ल्यूटिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को घटाने का काम करते हैं. जिससे यूरिक एसिड कम हो जाता है. कद्दू में मौजूद फाइबर मेटाबॉलिज्म रेट को बढ़ाकर प्यूरीन को पचाने में मदद करता है ।
2. परवल
परवल में पानी की मात्रा अच्छी होती है। इस सब्जी को खाने से सेहत को कई लाभ मिलते हैं । यह शरीर में प्यूरीन मेटाबॉलिज्म को तेज कर यूरिक एसिड की समस्या को कम कर सकती है । गठिया के मरीजों को अपने खाने में इसे जरूर शामिल करना चाहिए ।
3. टमाटर
टमाटर खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि सेहत के लिए फायदेमंद भी है। इसमें विटामिन सी काफी ज्यादा मात्रा में मिलती है, जिसे नियमित खाने से शरीर से यूरिक एसिड का लेवल कम हो सकता है ।
4. खीरा
खीरा खाने से भी यूरिक एसिड कम करने में मदद मिलती है । खीरे में फाइबर ज्यादा होता है, जो यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद कर सकता है। खीरे में पानी की मात्रा अधिक होने से यह गठिया में फायदेमंद हो सकता है ।
5. मशरूम
मशरूम में बीटा-ग्लूकेन्स पाया जाता है, जो एक तरह का कार्बोहाइड्रेट होता है। यह शरीर के सूजन को कम करने में मदद करता है । सूजन की वजह से ही यूरिक एसिड बढ़ता है। गठिया के मरीजों को अपनी डाइट में मशरूम को जरूर रखना चाहिए ।
6. नींबू
यूरिक एसिड घटाने और गठिया से राहत दिलाने में नींबू जबरदस्त फायदेमंद है । साइंस डायरेक्ट में पब्लिश एक स्टडी के अनुसार, नींबू में यूरिक एसिड कम करने की क्षमता है । एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर पीने से यूरिक एसिड कम करने में मदद मिल सकती है। ऐसा दिन में तीन बार करना चाहिए ।
यूरिक एसिड में सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए?
फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए बहुत अच्छे होते हैं। वे प्यूरीन को आसानी से अवशोषित कर सकते हैं और उन्हें खत्म करने में मदद करते हैं। साबुत अनाज, सेब, मेवे, बीज और बीन्स में उच्च फाइबर होता है। विटामिन सी शरीर के लिए एक मूल्यवान पोषक तत्व है।
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अगर आप अपने शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित रखना चाहते हैं तो आपको डाइट पर ध्यान देना होगा। यहां दिए गए फल नेचुरल तरीके से यूरिक एसिड कंट्रोल कर सकते हैं।
हमारे शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना अच्छा नहीं माना जाता है। यह खून में पाया जाने वाला एक रसायन है, जो प्यूरीन नामक पदार्थ के टूटने पर बनता है। इसके बढ़ने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आप किडनी की बीमारी की गिरफ्त में आ सकते हैं। इसके अलावा ये दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, और फैटी लिवर का कारण भी बन सकता है।
1- चैरी
चेरी में यूरिक एसिड को कंट्रोल रखने के गुए पाए जाते है। लाल रंग की चेरी में विटामिन बी-6, विटामिन ए, विटामिन के, विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन बी मौजूद होता है। इसके अलावा इसमें फास्फोरस, पोटेशियम, मैग्नीज, कॉपर, आयरन और कैल्शियम जैसे कई मिनरल्स पाए जाते हैं जो यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मददगार हैं।
2- कीवी
यूरिक एसिड को कंट्रोल में रखने के लिए कीवी को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसमें विटामिन सी, विटामिन ई, पोटेशियम, और फोलेट पाए जाते हैं, जो बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकालने में भी मदद करते हैं। कीवी का नियमित सेवन करने से न केवल यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है बल्कि पेट संबंधी सभी समस्याओं को भी दूर रखा जा सकता है।
3- केला
यदि आप उच्च यूरिक एसिड के खतरे से बचना चाहते हैं तो आपको केले से दोस्ती कर लेनी चाहिए। केले में स्वाभाविक रूप से प्यूरीन बहुत कम होता है और यह विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। यह ऐसे लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो गठिया की समस्या से परेशान रहते हैं। एनर्जी से भरपूर इस फल को खाने से कई अन्य बीमारियां भी शरीर से दूर हो जाती हैं।
4- सेव
हाई फाइबर से भरपूर सेब आपकी पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त रखता है। यह ब्लड में यूरिक एसिड को इकठ्ठा होने से रोकते हैं और शरीर के कामकाज को बढ़ावा देते हैं। इसके अलावा सेब मैलिक एसिड का भी पावर हाउस है, जो यूरिक एसिड के प्रभाव को बेअसर करने में मदद करता है। यही कारण है कि हेल्थ एक्सपर्ट इसका नियमित सेवन करने की सलाह देते हैं।
5- जामून
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर जामुन मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने और शरीर से अतिरिक्त विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। ये शरीर की सूजन कम करने और एसिड लेवल को बैलेंस करने में भी अहम भूमिका निभाता है। जामुन का सेवन करने से शरीर में हीमोग्लोबिन भी बढ़ता है। मतलब यह हर तरह से हमारी हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
प्रस्तुति -निर्माता निर्देशक -चिरँजी कुमावत, 8619666046
Email-chiranjikumawat54@gmail.com
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