पीपली- छोटी मगर एक बेहद ताकतवर औषधि
पीपली (Pippali – लम्बी काली मिर्च) : छोटी मगर बेहद ताक़तवर औषधि :-
पीपली एक लंबी आकार की काली मिर्च होती है, जिसे आयुर्वेद में “कफ नाशक” और “श्वास रोगों की मित्र” कहा गया है।
इसका स्वाद थोड़ा तीखा और गर्म प्रकृति का होता है, लेकिन औषधीय गुणों में यह बहुत अद्भुत है।
पीपली के मुख्य उपयोग (Medicinal Uses)
1. श्वास और फेफड़ों के रोगों में :-
दमा, खाँसी, ब्रॉन्काइटिस और सांस फूलने में वरदान।
बलगम को पिघलाकर बाहर निकालती है।
2. पाचन शक्ति के लिए :-
भूख बढ़ाती है और पाचन सुधरती है।
पेट की गैस और कब्ज में राहत देती है।
3. बुखार में :-
जीर्ण (पुराना) बुखार और मलेरिया जैसे रोगों में उपयोगी।
शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाती है।
4. जोड़ों और नसों के दर्द में :-
वात रोग और गठिया में लाभकारी।
5. कमजोरी और थकान में :-
ताकत बढ़ाती है और शरीर को ऊर्जावान बनाती है।
घरेलू नुस्खे (Treatment & Remedies)
1. खाँसी और दमा
पीपली चूर्ण + शहद = दिन में 2 बार सेवन करें।
2. पाचन के लिए
पीपली पाउडर को घी के साथ लें।
3. बुखार में
पीपली चूर्ण + अदरक रस + शहद = बुखार में आराम।
4. शक्ति बढ़ाने के लिए
पीपली चूर्ण को दूध के साथ लें।
फायदे संक्षेप में :-
साँस की नली साफ करे।
पाचन को मजबूत बनाए।
बलगम और खाँसी मिटाए।
रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए।
कमजोरी और थकान को दूर करे।
सावधानी:-
1- अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में जलन या गर्मी बढ़ सकती है।
2- इसे हमेशा सीमित मात्रा (1–2 ग्राम) में ही लें।
आसान भाषा में कहें तो पीपली एक छोटी-सी लंबी मिर्च है, लेकिन इसके औषधीय गुण बड़े-बड़े रोगों को मात देने की ताकत रखते हैं।
प्रस्तुति - निर्माता निर्देशक - चिरँजी कुमावत, +91-8619666046
Email- chiranjikumawat54@gmsil.com
Good information Sir
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