सर्दियों में तिल खाने के फायदे
सर्दियों में तिल खाने के फायदे
सर्दियों में तिल (तिल के बीज) का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। तिल में कई तरह के पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, और ओमेगा-6 फैटी एसिड मौजूद होते हैं। तिल के सेवन से शरीर को कई तरह लाभ मिलते हैं:
तिल (Sesame seeds)
एक पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य सामग्री है। इसमें निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते
हैं:
तिल (Sesame) में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व और यौगिक पाए जाते हैं, जो इसे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद बनाते हैं। तिल में निम्नलिखित इंग्रीडियेंट्स (सामग्री) होते हैं:
1. पोषक तत्व:
प्रोटीन: तिलों में उच्च मात्रा में प्रोटीन मौजूद होती है , ये शरीर के ऊतकों की मरम्मत और निर्माण में मदद करता है।
फैट (वसा): तिलों में मुख्यतः स्वस्थ मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाये जाते हैं।
कार्बोहाइड्रेट: तिलों में कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में मौजूद रहता है।
2. विटामिन्स:
तिलों में विटामिन B कॉम्प्लेक्स (B1, (थायमिन), B2, B3, B6) और फोलेट पाये जाते हैं । ये ऊर्जा उत्पादन, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र तथा मेरा बॉलिज्म के लिए फायदेमंद होते हैं ।
विटामिन E: तिलों में विटामिन E पाया जाता है ये एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है ।
3. मिनरल्स:
तिलों में भूरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है ।कैल्शियम: हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने के लिए उपयोगी होता है ।
लौह (आयरन): तिलों में लोह तत्त्व पाया जाता है । लोह तत्त्व खून में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए उपयोगी होता है।
मैग्नीशियम: तिलों में मैग्नीशियम पाया जाता है ।ये तंत्रिका और मांसपेशियों के कार्यों के लिए उपयोगी होता है।
जिंक (जस्ता): तिलों में जिंक पाया जाता है । ये प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए उपयोगी और त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद है।
सेलेनियम: तिलों में सेलेनियम पाया जाता है जो एंटीऑक्सीडेंट सपोर्ट के लिए उपयोगी होता है।
और कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाता है।
फॉस्फोरस और पोटैशियम : तिलों में फॉस्फोरस और पोटैशियम नामक तत्व भी पाये जाते है । ये शरीर में कोशिका मरम्मत और ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोगी होता है
4. एंटीऑक्सीडेंट्स:
तिलों में सेसामोल और सेसामिनोल नामक यौगिक भी पाये जाते हैं ।
सेसामोल और सेसामिनोल: ये यौगिक कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।
5. डायटरी फाइबर:
तिलों में भरपूर मात्रा में डायटरी फाइबर पाया जाता है ।
पाचन को बेहतर बनाने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
6. फाइटोकेमिकल्स:
सेसामिन और सेसामोलिन: ये लिगनन होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल कम करने और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में सहायक हैं।
7. ओमेगा फैटी एसिड्स:
तिलों में ओमेगा-6 फैटी एसिड़स पाये जाते हैं
ओमेगा-6: सूजन कम करने और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए।
तिलों के ये पोषक तत्व इसे ऊर्जा बढ़ाने, दिल के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, हड्डियों को मजबूत बनाने, और त्वचा व बालों के लिए फायदेमंद बनाते हैं।
तिल एंटीऑक्सीडेंट्स और लिगनन जैसे फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भी भरपूर होता है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। इसे कई रूपों में जैसे तिल का तेल, तिल की चटनी, लड्डू या सलाद में उपयोग किया जा सकता है।
तिल (Sesame seeds) में लगभग 45-55% तक तेल पाया जाता है। यह मात्रा तिल की किस्म और गुणवत्ता पर निर्भर करती है। तिल का तेल स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है क्योंकि इसमें असंतृप्त वसा अम्ल (unsaturated fatty acids) और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं।
सर्दियों में तिल खाने के पायदे
1. शरीर को गर्म रखता है:
तिल में प्राकृतिक गर्मी प्रदान करने वाले गुण होते हैं, जो सर्दियों में शरीर को ठंड से बचाने में मदद करते हैं।
2. हड्डियों को मजबूत बनाता है:
तिल में कैल्शियम और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होते हैं।
3. त्वचा को निखारता है:
तिल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ई त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाते हैं, जिससे सर्दियों में रूखी त्वचा से बचाव होता है।
4. पाचन में सुधार:
तिल में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और कब्ज की समस्या दूर करने में सहायक है।
5. हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद:
तिल में मौजूद सेसमोलिन और सेसामिन नामक यौगिक कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करते हैं और दिल की बीमारियों का खतरा कम करते हैं।
6. ऊर्जा बढ़ाता है:
तिल ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत है। इसे खाने से शरीर में ताकत और स्फूर्ति बनी रहती है।
7. बालों को स्वस्थ रखता है:
तिल के सेवन से बाल मजबूत और चमकदार बनते हैं, और बालों का झड़ना भी कम होता है।
8. डायबिटीज में मददगार:
तिल का सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है, खासतौर पर ब्लैक तिल।
तिल का सेवन कैसे करें?
तिल को लड्डू, चक्की, या गजक के रूप में खा सकते हैं।
इसे सलाद या सब्जियों में डालकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
तिल का तेल खाना बनाने में भी उपयोगी है।
सर्दियों में तिल का नियमित सेवन शरीर को अंदर से मजबूत और स्वस्थ बनाता है।
तिल के स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन-
तिल के कई स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन बनाए जा सकते हैं। ये व्यंजन खासतौर पर सर्दियों के मौसम में लोकप्रिय होते हैं। यहाँ कुछ लोकप्रिय तिल के व्यंजन दिए गए हैं:
1. तिल के लड्डू
सामग्री: तिल, गुड़, घी
विधि: तिल को हल्का भून लें। गुड़ को घी में पिघलाएं और उसमें भुने तिल मिलाकर लड्डू बना लें।
2. तिल गुड़ पट्टी (चकली)
सामग्री: तिल, गुड़, घी
विधि: गुड़ को पिघलाकर उसमें तिल मिलाएं। इस मिश्रण को चिकनी थाली में फैला दें और ठंडा होने पर टुकड़ों में काट लें।
3. तिल की चटनी
सामग्री: तिल, लहसुन, मिर्च, पोदीना, धनियां, नमक, नींबू
विधि: तिल को भूनकर लहसुन, मिर्च और नमक के साथ पीस लें। नींबू का रस मिलाएं और चटनी तैयार है।
4. तिल का हलवा
सामग्री: तिल, सूजी, दूध, चीनी, घी
विधि: तिल और सूजी को घी में भूनें। दूध और चीनी डालकर पकाएं। सूखा मेवा डालकर परोसें।
5. तिल पूड़ी
सामग्री: तिल, आटा, मसाले
विधि: आटे में भुना तिल और मसाले मिलाकर पूड़ी के आटे की तरह गूंधें। फिर पूड़ियां बेलकर तल लें।
6. तिल खीर
सामग्री: तिल, दूध, चीनी, चावल
विधि: चावल और तिल को दूध में पकाएं। चीनी डालें और सूखा मेवा डालकर परोसें।
7. तिल की बर्फी
सामग्री: तिल, मावा (खोया), चीनी
विधि: तिल को भूनकर मावा और चीनी के साथ पकाएं। थाली में जमाकर ठंडा करें और टुकड़ों में काट लें।
तिल के व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी बडे फायदेमंद होते हैं।
तिल खाने के साइड इफैक्टस
तिल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, लेकिन इन्हें जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से खाने से कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। नीचे तिल के संभावित साइड इफेक्ट्स बताए गए हैं:
1. एलर्जी की समस्या
तिलों से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है, जिससे त्वचा पर खुजली, सूजन, या रैश हो सकता है।
गंभीर मामलों में सांस लेने में कठिनाई या एनाफिलैक्सिस जैसी स्थिति हो सकती है।
2. पाचन तंत्र की समस्या
अधिक मात्रा में तिल खाने से पेट में दर्द, अपच, या दस्त हो सकता है।
तिल में उच्च मात्रा में फाइबर होता है, जो अधिक सेवन से गैस और ब्लोटिंग का कारण बन सकता है।
3. वजन बढ़ना
तिलों में कैलोरी और वसा की मात्रा अधिक होती है। ज्यादा खाने से वजन बढ़ सकता है।
4. गर्भावस्था में सावधानी
गर्भवती महिलाओं को तिलों का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि कुछ आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार, यह गर्भाशय को गर्म कर सकता है।
5. ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर
तिलों का अधिक सेवन ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को बहुत कम कर सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से दवा ले रहे हैं।
6. ज्यादा गर्म तासीर
तिलों की तासीर गर्म मानी जाती है। अधिक सेवन से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, जिससे नाक से खून आना या त्वचा पर दाने हो सकते हैं।
सुझाव: तिलों का सेवन संतुलित मात्रा में करें और यदि किसी भी प्रकार की असुविधा महसूस हो, तो डॉक्टर से परामर्श लें।
तिल (Sesame seeds) में लगभग 45-55% तक तेल पाया जाता है। यह मात्रा तिल की किस्म और गुणवत्ता पर निर्भर करती है। तिल का तेल स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है क्योंकि इसमें असंतृप्त वसा अम्ल (unsaturated fatty acids) और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं।
तिलों के साथ और क्या खाने से इम्यूनिटी बढती है -
तिल एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ है, जो इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। इसमें ज़िंक, सेलेनियम, विटामिन ई, बी-कॉम्प्लेक्स, और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाते हैं। तिल को कुछ अन्य चीजों के साथ खाने से इम्यूनिटी को और भी बढ़ावा मिल सकता है। उदाहरण:
1. गुड़ और तिल:
गुड़ आयरन और मिनरल्स से भरपूर होता है। तिल और गुड़ को एक साथ खाने से इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होती है और यह सर्दियों में विशेष रूप से भरपूर लाभकारी होता है।
2. तिल और शहद:
शहद में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं। तिल और शहद मिलाकर खाने से गले की समस्याओं और इंफेक्शन से बचाव होता है।
3. तिल और सूखे मेवे:
तिलों को बादाम, अखरोट, और किशमिश के साथ मिलाकर खाने से यह एनर्जी और इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है।
4. तिल और दही:
दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं। तिल को दही में मिलाकर खाने से इम्यूनिटी और अधिक मजबूत होती है।
5. तिल और हल्दी दूध:
हल्दी दूध एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। इसमें तिल मिलाकर पीने से इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाया जा सकता है।
सर्दियों के मौसम में तिल का उपयोग करना खासतौर पर लाभकारी होता है। इसे व्यंजन, लड्डू या चटनी के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं।
प्रस्तुति -निर्माता निर्देशक- चिरँजी कुमावत, 8619666046
Email- chiranjikumawat54@gmail.com
खम्मा घणी सा
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