केले के साथ आप अनजाने में खा रहे हैं कैंसर


केला यानी कैंसर का कारक
  भिन्न भिन्न विषयों पर ब्लॉग लिखना मेरी रुचि,आदत और शौक है। आज मैं केले पर ब्लॉग लिखने जा रहा हूँ। केला वैसे तो प्रकृति का सर्वश्रेष्ठ,पौष्ठिक और पवित्र फल माना जाता है । लेकिन केले का व्यवसाय करने वाले कुछ लालची,अमानवीय, असुर और राक्षस किस्म के बेगैरत लोगों ने इसे कैंसर का सबसे बड़ा कारक बना दिया है।
वैसे केला  प्रकृति का सर्वश्रेष्ठ फल है तो फिर ये कैंसर का कारक कैसे बन जाता है ?
प्रकृति के अमृत और पौष्ठिक फल केले को आखिर जहर कैसे बनाया जा रहा है, आज इसी की पूरी सच्चाई मेैं आपको इस ब्लॉग में बताने जा रहा हूँ ।
              आज मैं आपको केले का व्यवसाय करने वाले कुछ लालची और बैगैरत लोगों का यह बड़ा षड़यंत्र और धोखा बताने जा रहा हूँ। सावधान हो जाइये अगर आप भी केला खाने के शौकिन है । यदि आप भी कई सालों से केला खाते हैं, और आपको साँस लेने में तकलीफ़ होने लगी है ! पेट में और सिर में दर्द रहने लगा है! चक्कर आने लगे हैं! न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो रही हैं तो यह बाज़ार में मिलने वाले केलों की वज़ह से हो सकता है। आज आप जो केले खा रहे हैं वह  निश्चित ही एक ख़तरनाक कैमिकल से पके केले खा रहे हैं।
आप यक़ीन नहीं करेंगे कि उंगली के बराबर के केलों को कैमिकल से एक दिन में ही छह इंच का बना दिया जाता है। यही वजह है कि बिना पके हरे कच्चे केलों को तोड़ कर कैमिकल से पकाकर पीले रंग का कर दिया जाता है।
ज़ाहिर सी बात है कि मजबूरन शातिराना तरीके से केले के साथ आपके शरीर मे एक खतरनाक ज़हर घोला जा रहा है। कार्बाइड विशेष तौर पर कैल्शियम कार्बाइड कैंसर के लिए सबसे खतरनाक कैमिकल है।
कई देशों में इस कैमिकल पर शत प्रतिशत बैन है मगर भारत में यह ज़हर आसानी से बाज़ार में धड़ल्ले से उपलब्ध है। पूरे भारत में धड़ल्ले से केले कैल्शियम कार्बाइड से पकाकर बेचे जाते हैं ।
इस पर ना कोई रोक टोक है और ना हीं कोई पूछने वाला । ना लोगों को इसके दुस्स प्रभाव की कोई ज्यादा जानकारी है और ना हीं कोई अपने स्वास्थ्य की चिन्ता है । इस पर रोक का ना कोई सरकार का पुख्ता प्रतिबन्ध है और ना हीं लोगों में कोई कानून का डर । चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार लोग तो घोड़े बेचकर गहरी नींद में सो रहे हैं । जिम्मेदार लोगों की नाक के नीचे धडल्ले से खुले आम कैल्शियम कार्बाइड से पकाकर रोज केले बेचे जा रहे हैं ।

 कैल्शिय कार्बाइड से पके पपीता



कैल्शियम कार्बाइड से पके आम


( नोट - पपीता और आम आदि फल भी इसी तरह कैल्शियम कार्बाइड से पकाकर बेचे जाते हैं )।
इसे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की लापरवाही समझें या हफ़्ता वसूली करने की ऊपर तक मिलीभगत । केले के संगठित व्यवसायियों - व्यापारियों द्वारा आमजन के स्वास्थ्य से इस प्रकार खुला खिलवाड करके हजारों लाखों लोगों को कैंसर के मरीज बनाया जा रहा है ।
प्रकृति के इस अमृत और पौष्टिक फल केले को जहर बनाकर केले का व्यवसाय करने वाले कुछ लोग तो अपनी जेबें भर मालामाल हो रहे हैं मगर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खुल्ला खिलवाड़ और धोखा किया जा रहा है ।
                 राजस्थान में केले विशेष तौर पर महाराष्ट्र से आते हैं। पेड़ पर प्राकृतिक रूप से पक्के अच्छे केले मुम्बई में ही बिक जाते है। बेहद कच्चे केले राजस्थान में बिकने आते हैं। ये शत प्रतिशत कैल्शियम कार्बाइड और अन्य ख़तरनाक कैमिकल्स से बड़े किये जाते हैं और पकाए जाते हैं।
                 सीधी सी बात है कि जिन केलों को आप स्वाद से खा रहे हैं और यह सोच कर खा रहे हैं कि इसमें सभी जरूरी पोषक तत्व हैं। इसमें पोटेशियम, विटामिन बी,  मैग्नीशियम, विटामीन बी 6 सहित कई तत्व समाहित हैं। केला खाने से शरीर को सभी प्रकार के जरूरी और महत्वपूर्ण मिनरल्स मिल जाते हैं। वज़न घटाया बढ़ाया जा सकता है। हड्डियां मज़बूत होती हैं। शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। ब्लड शूगर कंट्रोल होता है। ये सब फ़ायदे तब ही हो सकते हैं जब आप प्राकृतिक रूप से पके केले खा रहे हों। ऐसे प्राकृतिक रूप से पेड़ पर पके  हुए केले आपको महाराष्ट्र में 100 से 200  रुपये प्रति किलो के भाव से मिलते हैं।
               प्राकृतिक रूप से यही पक्के केले महाराष्ट्र से राजस्थान में लाकर यदि इनको बेचा जाए तो यह 200 से 300 रुपये प्रति .किलो से कम नहीं मिलेंगे । मगर यह सच कि आप और हम तो यहां कैंसर फैलाने के जिम्मेदार खतरनाक कैमिकल  कैल्शियम कार्बाइड से पके  हुए 40 से 50 रुपए प्रति किलो के भाव के केले खा रहे हैं।
           मित्रों ! यह बात सौ प्रतिशत सच है कि आप और हम सभी ये कैंसर की बीमारी फैलाने वाले, कैल्शियम कार्बाइड से पके केले ही खा रहे हैं। भारत में कोई विदेशी आपको  केला खाता हुआ  नहीं मिलेगा। क्योंकि उनको कैल्शियम कार्बाइड से पके केलों के बारे में सारी जानकारी पता होती है।

              

कैल्शियम कार्बाइड से पके केले

हम सभी कैल्शियम कार्बाइड से पके केले की इस बात से जरा भी अनजान न रहें, इसके लिए ही मैं यह जानकारी आपको साझा कर रहा हूँ।
नवरात्रि पर्व हो या अन्य कोई भी तीज त्यौहार पर अगर आप उपवास कर रहे हैं।  तो भगवान के लिए  ख़ुद पर कृपा करके ये कैल्शियम काबाईड से पके केले न खाएं। माता रानी और ईश्वर की  कृपा सदा आप पर बनी रहे। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से आप दूर रहें।
मेडिकल साईंस में अब तक इस कैंसर रोग को जड़ से खत्म करने की कोई दवा नहीं बनी है। ये सब जानने के बाद भी अगर आप सावधानी नहीं बरतते हैं  तो भैया मर्जी आपकी है, क्योंकि जीवन भी आपका है । भारत में कैंसर के अस्पताल तो तेज़ी से खुल ही रहे हैं। करोड़ों करोड़ रुपये लगाकर कैंसर के अस्पताल  बनाने वाले डाक्टर या व्यवसायी  भी जानते हैं कि आने वाले दस सालों में कैंसर से मरने वालों की संख्या आज से दस गुणी ज्यादा बढ़ जाएगी।

प्रस्तुति -निर्माता निर्देशक -चिरँजी कुमावत, 8619666046
Email-chiranjikumawat54@gmail.com

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