शरीर के लिए क्यों जरूरी है ओमेगा -3


मानव शरीर के स्वस्थ एवं तंदूरूस्ती के लिए
ओमेगा 3 सबसे जरूर फैटी एसिड है । यह ह्यूमन बॉडी के लिए जरूरी इसलिए है क्योंकि इसका उत्पादन करने में हमारा शरीर सक्षम नहीं है जिसके कारण इनकी भरपाई प्लांट और एनिमल बेस्ड फूड से करनी पड़ती है । ओमेगा 3 के अलग-अलग प्रकार हैं - एएलए (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड), डीएचए (डोकोसाहेक्सैनोइक एसिड), और ईपीए (ईकोसापेंटेनोइक एसिड). डीएचए और ईपीए का सोर्स समुद्री भोजन है, जबकि एएलए आमतौर पर प्लांट बेस्ड फूड में पाया जाता है जिसमें नटस और बीज शामिल हैं ।  इसीलिए डॉक्टर कहते हैं कि आपको अपने डेली डाइट में नट्स को शामिल करना चाहिए । नाश्ते में अनाज और दूध के साथ नट्स खाने से कुछ हद तक ओमेगा 3 की आपकी डेली डोज की भरपाई हो जाती है ।

मछली से भी ज्यादा अच्छी और ज्यादा ओमेगा -3 पाये जाने वाली ये 5 देसी चीजें, शरीर को देंगी पूरा ओमेगा-3, एक-एक अंग बनेगा मजबूत

मानव शरीर में ओमेगा-3 की कमी से आपको थकान, याददाश्त कमजोर होना, ड्राई स्किन, दिल के रोग, मूड स्विंग, तनाव, ब्लड सर्कुलेशन का बिगड़ना जैसे गंभीर लक्षण महसूस हो सकते हैं। बेवजह कुछ विधर्मी और अज्ञानी लोगों ने ओमेगा-3 का सबसे बढ़िया स्रोत मछली को बताते हैं , जो सरासर गलत है । भारतीय सनातन संस्कृति और धर्म में मछली खाना गलत और पाप हैं ।  भारतीय सनातन संस्कृति में जीव हत्या या मछली खाना सरासर दोषी होना है, क्योंकि मछली खाना असूर और राक्षसों का भोजन है ।  ओमेगा -3 के कुछ बेहतर प्लांट बेस्ड फूड को अपनी डाइट में शामिल करें।

प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन की तरह ओमेगा-3 फैटी एसिड (Omega-3 fatty acids) भी एक ऐसा पोषक तत्व है, जो हमारे मानव शरीर और दिमाग के बेहतर कामकाज के लिए बहुत जरूरी है। ओमेगा 3 फैटी एसिड क्यों जरूरी है? एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शरीर में इसकी कमी से त्वचा ड्राई हो सकती है, आप तनाव की चपेट में आ सकते हैं, आंखें ड्राई हो सकती हैं, जोड़ों में दर्द और अकड़न आ सकती है, बाल कमजोर और बेजान हो सकते हैं आदि आदि ।

शरीर में ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी के लक्षण? 
मानव शरीर में इस पोषक तत्व की कमी से आपको थकान, याददाश्त कमजोर होना, ड्राई स्किन, दिल के रोग, मूड स्विंग, तनाव, ब्लड सर्कुलेशन का बिगड़ना जैसे गंभीर लक्षण महसूस हो सकते हैं।

शरीर को रोजाना कितने ओमेगा-3 फैटी एसिड की जरूरत होती है? ऐसा माना जाता है कि एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना कम से कम 250 से 500 मिलीग्राम ओमेगा-3 फैटी एसिड लेना चाहिए। ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए क्या खाएं? ओमेगा-3 का आसान सर्व सुलभ स्रोत मछली को माना जाता है। जो सरासर झूंठा और गलत है ।  प्लांट बेस्ड किन-किन चीजों में ओमेगा-3 पाया जाता है।
1- असली-


ये छोटे भूरे या कथई बीज ओमेगा-3 का खजाना हैं। आप ओमेगा-3 की कमी पूरी करने के लिए इसका तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। अलसी फाइबर, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्वों का भी अच्छा स्रोत हैं। एक चम्मच (10.3 ग्राम) अलसी के बीज में 2,350 मिलीग्राम ओमेगा-3 पाया जाता है।अलसी के बीज में विटामिन ई और मैग्नीशियम भी बहुत अधिक मात्रा में होता है.

2- चिया सीड़-


चिया के बीज हर तरह से पौष्टिक होते हैं ।  इनमें ओमेगा-3 के अलावा मैंगनीज, सेलेनियम, मैग्नीशियम और कुछ अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। 1-औंस (28-ग्राम) चिया सीड्स में 5 ग्राम प्रोटीन होता है, जिसमें सभी आठ आवश्यक अमीनो एसिड शामिल हैं। इतनी ही मात्रा में 5,050 मिलीग्राम ओमेगा-3 पाया जाता है।

3- अखरोट-


अखरोट बहुत पौष्टिक होते हैं और फाइबर से भरपूर होते हैं। अखरोट को छिलका उतारकर खाया जाता है । इसमें हाई मात्रा में तांबा, मैंगनीज और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। अखरोट के फिनोल एंटीऑक्सिडेंट गुण कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। 28 ग्राम या लगभग 7-8 अखरोट में 2,570 मिलीग्राम ओमेगा-3 पाया जाता है।

4- सोयाबीन -

 
एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार - सोयाबीन फाइबर और प्लांट प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। यह राइबोफ्लेविन, फोलेट, विटामिन के, मैग्नीशियम और पोटेशियम सहित अन्य पोषक तत्वों का भी एक अच्छा स्रोत है। सोयाबीन में ओमेगा-6 फैटी एसिड भी बहुत अधिक होता है। 1/2 कप (47 ग्राम) सूखे भुने हुए सोयाबीन में 670 मिलीग्राम ओमेगा-3 होता है।
5 - राजमा -

 
राजमा लगभग सभी घरों में खाया जाता है और यह सबको पसंद भी है। ज्यादातर लोग चावल के साथ राजमा खाना पसंद करते हैं। टेस्टी होने के साथ यह ओमेगा-3 फैटी एसिड सहित कई पोषक तत्वों का खजाना है।

प्रस्तुति - निर्माता निर्देशक - चिरँजी कुमावत, 8619666046
Email - chiranjikumawat54@gmail.com



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