विजु खोटे

शोले के 'कालिया'... हरफनमौला अभिनेता श्री विजु खोटे, जी,जिन्हें नाम के बाद भी मांगना पड़ा था काम ।

श्री विजु खोटे जी का पूरा नाम विट्ठल बापुराव खोटे उर्फ विजु खोटे था ।

श्री विजू खोटे जी ने 'कुर्बानी' (1980), 'नसीब' (1981), 'मेरी जंग' (1985), 'कर्मा' (1986), 'नगीना' (1986), 'दादागिरी' (1987), 'कयामत से कयामत तक' (1988), 'तेजा' (1990), 'त्रिनेत्र' (1991), 'जय किशन' (1994), 'अंदाज अपना-अपना' (1994), 'लज्जा' (2001), 'तलाश' (2003), 'हल्ला बोल' (2008) और 'गोलमाल 3' (2010) जैसी शानदार फिल्मों में काम किया है। 

श्री विजु खोटे जी का जन्म 17 दिसंबर 1941 को मुंबई में हुआ था। उनका जन्म का नाम विट्ठल बापुराव खोटे था। उन्होंने लगभग 300 से भी अधिक हिंदी और मराठी फिल्मों में काम किया था। हालांकि, उन्हें 'शोले' फिल्म में कालिया के जबरदस्त किरदार के लिए जाना जाता है। श्री विजू खोटे जी का फिल्म 'अंदाज अपना अपना' का एक डायलॉग 'गलती से मिस्टेक हो गया' भी बहुत पॉप्युलर हुआ था ।

श्री विजु खोटे जी ने फिल्मों के अलावा टीवी सीरियल्स में  भी अभिनय किया है। श्री विजु खोटे जी को टीवी सीरियल  'जबान संभाल के' (1993) में उनकी भूमिका के लिए  सबसे ज्यादा याद किया जाता है। उन्होंने कई साल तक मराठी रंगमंच में भी एक्टिंग की थी।

उस वक्त की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली 1975 की फिल्म 'शोले' आज भी लोगों के बीच बहुत मशहूर है। इस फिल्म के हर पात्र को लोग बहुत अच्छे से जानते हैं। इस फिल्म ने न केवल श्री अमिताभ बच्चन जी, बल्कि श्री धर्मेंद्र जी, श्री अमजद खान जी सहित कई सितारों के कैरियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद की थी। उनमें से एक थे श्री विजू खोटे जी । जी हाँ, वही विजू खोटे जी, जिन्होंने 1975 में आई फिल्म 'शोले' में 'कालिया' का किरदार निभाया था। श्री विजू खोटे जी फिल्मों में अपने काम के लिए जाने जाते थे। 77 साल की उम्र में 30 सितंबर 2019 को उनका निधन हो गया। आज भले ही श्री विजू खोटे जी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके चाहने वाले आज भी उन्हें फिल्म 'शोले' के लिए याद करते हैं। फिल्म 'शोले' में श्री विजू खोटे जी को फीस के रूप में 2500 रुपये मिले थे, जो उस समय में बहुत अधिक पैसे माने जाते थे।

श्री विजू खोटे जी एक भारतीय अभिनेता थे। श्री विजू खोटे जी को हिंदी और मराठी सिनेमा में 300 से भी अधिक फिल्मों में उनके शानदार काम के लिए जाना जाता है। वे फिल्म शोले में डकैत कालिया और अपने संवाद "सरदार मैनें आपका नमक खाया है" और फिल्म अंदाज़ अपना अपना में रॉबर्ट के संवाद "गलती से मिस्टेक हो गया" संवाद के लिये प्रसिद्ध थे। टेलीविजन पर उन्हें ज़बान संभलके (1993) में उनकी भूमिका के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है। उन्होंने वर्षों तक मराठी थिएटर में भी काम किया था।


श्री विजू खोटे जी अभिनेत्री शुभा खोटे जी के छोटे भाई थे । उनके पिता श्री नंदू खोटे जी एक प्रसिद्ध मंच अभिनेता और मूक फिल्मों में थे, अभिनेत्री दुर्गा खोटे जी श्री विजू खोटे जी की भाभी थीं ।

श्री विजू खोटे जी का 30 सितंबर 2019 को 77 वर्ष की आयु में कई अंगों की विफलता के कारण उनके मुंबई स्थित घर पर निधन हो गया । 



श्री विजू खोटे जी ने फिल्म 'मालिक' से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। 'शोले', 'अंदाज अपना-अपना' और 'नगीना' जैसी फिल्मों में श्री विजू खोटे जी को काफी सराहाना मिली है। हिंदी के साथ-साथ उन्होंने मराठी सिनेमा में भी काफी काम किया है। श्री विजू खोटे जी को कॉमेडी फिल्मों में काम करना ज्यादा पसंद था। इसी कारण बाद में उन्होंने खुद को विलेन के रोल से कॉमेडी किरदारों की ओर शिफ्ट कर लिया था। 




हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के हरफनमौला कलाकार श्रीविजु खोटे जी ने बॉलीवुड में एक लंबा सफर तय किया था। 'अंदाज अपना अपना' में रॉबर्ट बनकर ऑडियंस को खूब हंसाया और 'शोले' में कालिया बनकर डराया। उनका डायलॉग 'मैंने आपका नमक खाया है सरदार' आज भी बच्चे-बच्चे की जुबां पर है। उन्हें एक्टिंग विरासत में मिली थी, क्योंकि उनके पिता और बहन, दोनों ही भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे। उनकी शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट हुई थी। ये अलग बात है कि इतना काम करने के बावजूद एक ऐसा वक्त भी आया था, जब वो प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के चक्कर काटते थे और उनसे काम मांगते थे। 


श्री विजू खोटे जी की बहन शुभा खोटे जी फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस थीं। वो श्री विजु खोटे जी से पांच साल बड़ी थीं। विजु खोटे जी के पिता श्री नंदू खोटे जी भी जाने-माने स्टेज एक्टर थे। उन्होंने कई साइलेंट फिल्मों में काम किया था। बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस दुर्गा खोटे जी भी विजु खोटे जी के रिश्ते में थीं।

श्री विजु खोटे जी जब छोटे थे, तब उनके पिता श्री नंदू खोटे जी ने ही बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट उनसे फिल्मों में काम करने की सलाह दी थी। इसके बाद उनके पिता ने एक मूवी बनाई, जिसमें श्री विजु खोटे जी ने महमूद के दोस्त का किरदार निभाया था। उस समय शुभा खोटे जी और श्री महमूद जी की जोड़ी को काफी पसंद किया जाता था। बताया जाता है कि जब श्री विजु खोटे ने फिल्मों में काम करना शुरू किया, तब ये तय नहीं था कि वो इसी फील्ड में अपना कैरियर बनाएंगे। वो पढ़ाई-लिखाई में बहुत ज्यादा अच्छे थे, इसलिए लोगों ने सोचा था कि वो किसी और फील्ड में नाम कमाएंगे। उन्होंने प्रिंटिंग प्रेस भी खोली थी, जिसे उन्होंने दो साल तक चलाया। इसी दौरान उनकी श्री मनमोहन देसाई जी से दोस्ती बढ़ी। उन्होंने दो फिल्मों में काम किया, एक में विलेन बने और दूसरे में कॉमेडियन। उन्होंने दोनों ही किरदार दमदार निभाए। चूंकि विलेन बनने के बाद बहुत मार पड़ती थी, इसलिए विजु खोटे जी ने कॉमेडी रोल करना ज्यादा पसंद करते थे ।

'शोले' की शूटिंग का दिलचस्प किस्सा
जानकारी के मुताबिक , 'शोले' फिल्म में गब्बर सिंह का किरदार निभाने वाले श्री अमजद खान जी और श्री विजु खोटे जी अच्छे दोस्त थे और दोनों ने थिएटर में साथ काम किया था। श्री अमजद खान जी ने ही श्री विजु खोटे जी को कालिया का रोल दिलवाया था। इसकी शूटिंग के दौरान का एक किस्सा है कि श्री विजु खोटे जी को बैठने के लिए एक घोड़ी दी गई थी। जैसे ही स्पॉटबॉय छाता खोलते, घोड़ी भड़क जाती और श्री विजु खोटे जी को पटक देती थी।


77 साल की उम्र में कहा दुनियाँ को अलविदा 
श्री विजु खोटे जी ने 30 सितंबर 2019 को दुनियां को अलविदा कह दिया। उनकी उम्र 77 साल थी। मल्टीऑर्गन फेल होने की वजह से उनका देहांत हुआ था। श्री विजु खोटे जी को आज भी हरफनमौला और मंझे हुए अभिनेता के रूप में याद किया जाता है और हमेशा याद किया जाएगा ।

जय हिन्द 
जय भारत
वन्दे मातरम ॥
प्रस्तुति :- निर्माता निर्देशक -चिरँजी कुमावत, 8619666046,
Email-chiranjikumawat54@gmail.com

https://youtu.be/oeGLCWzFye8?si=HfVhEc0jx7EQGNRF

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